Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Feb 06, 2013 - 16:00:03 PM


Title - रेलवे की फ्रीक्वेंट ट्रैवलर स्कीम बंद
Posted by : nikhilndls on Feb 06, 2013 - 16:00:03 PM

नई दिल्ली [संजय सिंह]। रेल मंत्री पवन बंसल का सुधार अभियान पूरे शवाब पर है। रेलवे की माली हालत सुधारने के लिए वह न केवल सेवाओं को महंगा कर रहे हैं, बल्कि रियायती स्कीमों पर भी कैंची चला रहे हैं। इससे जो पैसा बचेगा उससे यात्रियों की सहूलियतें बढ़ाई जाएंगी।

लागत बचाओ अभियान के तहत रेलवे बोर्ड ने अक्सर यात्रा करने वालों को किराये में रियायत की आइआरसीटीसी की स्कीम पर कैंची चला दी है। स्कीम ऑफ फ्रीक्वेंट ट्रैवलर्स [सॉफ्ट] नाम से यह स्कीम पिछले कई सालों से चलाई जा रही थी। इसके तहत ट्रेन से ज्यादा यात्रा करने वालों को 500 रुपये की सालाना फीस पर शुभ यात्रा कार्ड के नाम से रियायती सदस्यता कार्ड इश्यू किए जाते थे। इस कार्ड पर की जाने वाली हर यात्रा में किराये के अनुपात में प्वाइंट [प्रत्येक प्वाइंट एक रुपये के बराबर] मिलते थे। इन्हें इकट्ठा कर [कम से कम 500 प्वाइंट] आगे की यात्राओं में छूट हासिल की जा सकती थी या कॉम्प्लीमेंटरी टिकट पर मुफ्त यात्रा की जा सकती थी। हर साल 300 रुपये की फीस देकर कार्ड का नवीकरण होता था। सूत्रों के मुताबिक यह स्कीम इसलिए बंद की गई क्योंकि इससे रेलवे को फायदे के बजाय नुकसान हो रहा था। इसमें प्रोसेसिंग खर्च यात्रियों से प्राप्त होने वाले अतिरिक्त राजस्व से ज्यादा थे।

रेलवे की माली हालत सुधारने के लिए रेल मंत्री इससे पहले कई कदम उठा चुके हैं। इनमें 22 जनवरी से किरायों में 20 फीसद से अधिक बढ़ोतरी के अलावा स्टेशनों के क्लॉक रूम शुल्क व चुनिंदा ट्रेनों के कैटरिंग शुल्क में बढ़ोतरी शामिल है। रेलवे द्वारा मीडिया को जारी किए जाने वाले फालतू विज्ञापनों में भी कटौती की गई है। नौ जनवरी को किराया वृद्धि की घोषणा करते वक्त रेल मंत्री ने वादा किया था कि रेल बजट में किराये नहीं बढ़ाए जाएंगे। मगर थोक ग्राहकों के लिए डीजल पर सब्सिडी बंद किए जाने से वह आगे और बढ़ोतरी न होने के वादे से पीछे हटते दिखाई दे रहे हैं।

बहरहाल, इन कदमों के परिणामस्वरूप प्राप्त राजस्व से रेल सुविधाओं में बढ़ोतरी के संकेत भी मिलने लगे हैं। शुरुआत रेल मंत्री के गृह राज्य पंजाब के लोगों को सुविधाओं में बढ़ोतरी से हो रही है। चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए एक सीधी शताब्दी की शुरुआत पहले ही हो चुकी है। अब पंजाब को तीन नए आदर्श स्टेशनों का तोहफा भी दे दिया गया है। रेलवे बोर्ड ने आदर्श स्टेशनों की सूची में पंजाब के तीन स्टेशनों-मुक्तसर, फाजिल्का और गिद्दड़बहा को भी शामिल करने का फैसला किया है। इस तरह अब लक्षित आदर्श स्टेशनों की संख्या 977 से बढ़कर 980 हो गई है। इस सूची में शामिल होने से इन स्टेशनों पर बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं में खासा सुधार होगा। अभी तक लगभग सवा छह सौ स्टेशन आदर्श हो चुके हैं।