Indian Railways News => Topic started by eabhi200k on Feb 03, 2013 - 18:00:28 PM


Title - विधायक से मारपीट, पत्नी से दुर्व्‍यवहार* हावड़ा-दानापुर एक्सप्रेस से जा रहे थे अगिआंव के विधायक
Posted by : eabhi200k on Feb 03, 2013 - 18:00:28 PM

भोजपुर के अगिआंव के भाजपा विधायक शिवेश कुमार के साथ दानापुर-हावड़ा 12352 में पटना सिटी के पास शुक्रवार की रात रेलकर्मियों ने मारपीट की और उनकी पत्नी के साथ छेड़खानी की.घटना के बाद शनिवार की सुबह विधायक ने बख्तियारपुर जीआरपी को जानकारी दी. पुलिस ने कुमार का बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए मामले को पटना जीआरपी को भेज दिया. इसके बाद पटना सिटी जीआरपी में प्राथमिकी दर्ज की गयी. मामले में जीआरपी ने दो रेलकर्मियों पीके सिन्हा व सौरभ कुमार को गिरफ्तार किया है.विधायक ने मामले में टीटीइ अखिलेश कुमार, अजय एवं पंकज को नामजद आरोपित बनाते हुए अन्य 12 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी है. रेल एसपी सुरेश चौधरी ने बताया दो रेलकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. पुलिस ने विधायक व उनकी पत्नी की मेडिकल जांच भी करायी.विधायक शिवेश कुमार पटना में जगदेव पथ के आंबेडकर पथ में रहते हैं. वे पत्नी और छह माह के बच्चे के साथ एक फरवरी की रात्रि दानापुर-हावड़ा ट्रेन के एसी कोच एबी दो में पटना से कोलकाता जा रहे थे. विधायक व उनकी पत्नी 17 और 18 नंबर बर्थ पर बैठे थे. इसी बीच पटना सिटी के पास सामने वाली बर्थ 13,14,15 एवं 16 पर कुछ युवक आये और वहां बैठ कर शराब पीने लगे. इसके साथ ही वे शोर भी करने लगे.
विधायक की पत्नी ने जब उन्हें हल्ला करने से मना किया, तो वे अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे. इसी बीच एक टीटीइ वहां पहुंचा, जिससे उन्होंने शिकायत की, लेकिन वह अपनी ड्यूटी नहीं होना बता कर चला गया. इस बीच सामनेवाली बर्थ पर बैठे लोग
लगातार पत्नी से अभद्र व्यवहार एवं अपशब्दों का प्रयोग करते रहे. विधायक ने बताया कि जब मना किया गया, तो अपने आपको अजय और पंकज बताते हुए दो रेलकर्मी उलझ गये. अजय ने कहा कि मै बाढ़ का हूं, मोकामा में गोली मार दूंगा. इसके बाद 15 की संख्या में रहे लोग मारपीट करने लगे.
विरोध करने पर उनलोगों ने कपड़ा फाड़ दिया और गरदन दबाने का प्रयास किया. इसके बाद टीटीइ अखिलेश वहां पहुंचा और इशारा कर सभी को वहां से हटाया. अखिलेश ने ही उनलोगों को वहां बैठाया था. घटना के दौरान विनोद नाम का एक सिपाही भी वहां पहुंचा, लेकिन उसने कहा कि मेरी ड्यूटी नहीं है और चला गया. जीतेंद्र और अखिलेश को इस बात की जानकारी थी कि मै विधायक हूं.