| संरक्षा से कोई समझौता नहीं by irmafia on 13 August, 2012 - 03:00 AM | ||
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irmafia | संरक्षा से कोई समझौता नहीं on 13 August, 2012 - 03:00 AM | |
गोरखपुर : पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक और आरडीएसओ (अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन) लखनऊ के महानिदेशक वे. रामचंद्रन ने कहा कि संरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए रेलवे कटिबद्ध है। फिलहाल, खानपान और बेडरोल (लिनेन सर्विस) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रेल प्रशासन का पूरा प्रयास है कि यात्री को साफ चद्दर, तकिए और कंबल मिले। इसको लिए अभियान चलाया जा रहा है। महाप्रबंधक रामचंद्रन शनिवार को पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने रेलवे की उपलब्धियां गिनाई और संरक्षा पर उठाए जा रहे कदम का भी उल्लेख किया। बजट के अभाव को भी उन्होंने स्वीकर किया और कहा कि धन की कमी के चलते चाहकर भी बहुत सारी सुविधाएं समय से मुहैया नहीं करा पा रहे हैं। धन का रोना हम अन्य कहीं रो सकते हैं लेकिन संरक्षा के सवाल पर कोई समझौता नहीं कर सकते। मैं खुद रनिंग स्टाफ से मिल रहा हूं। उनकी समस्याएं जान रहा हूं और समाधान भी किया जा रहा है। साप्ताहिक बैठकों के जरिए उनके सुझाव भी लिए जा रहे हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने स्वीकार किया कि ट्रेनों और कोचों की कमी के चलते यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पेंट्रीकार और वेंडरों की मनमानी पर उन्होंने कहा कि इसे जल्द ही सही कर लिया जाएगा। कोई असुविधा हो तो मोबाइल नंबर 9794845955 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। -------------- प्राथमिकताएं - यात्रियों की संरक्षा - ट्रेनों का समय पालन - यात्री सुख- सुविधा - खानपान और बेड रोल ----------- उपलब्धियां - जुलाई में ही यात्रियों से 106 करोड़ रुपये की कमाई - 83 से 91 फीसद हुआ गाड़ियों का समय पालन - पिछले साल मात्र तीन दुर्घटनाएं, इस साल एक भी नहीं - ट्रेनों में 4700 अतिरिक्त कोच लगाए गए - इस रेलवे से 1227 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई - कुल 466 करोड़ की कमाई, पिछले साल से 8 फीसद अधिक - यात्रियों से 377 करोड़ की कमाई, पिछले साल से 7 फीसद अधिक - टिकट चेकिंग से 17. 32 करोड़, पिछले साल से 30 फीसद अधिक - कार्य कर रहे 309 यूटीएस और 71 पीआरएस, खुलेंगे 66 जेटीबीएस - वाराणसी मंडल में बस 31 पैच डबलिंग का कार्य बाकी। - दिसंबर 2013 तक पूरा हो जाएगा विद्युतीकरण का कार्य। --------- संरक्षा के प्रति उठाए गए कदम - रनिंग स्टाफ से सीधा संपर्क, मानीटरिंग व हर सप्ताह - बदली जा चुकी हैं जंग खा चुकी 120 किमी पटरियां - सुरक्षा के लिए लगाए गए 15876 जागल्ड फिश प्लेट - 149 स्टेशनों के बीच कार्य कर रहा डाटा लागर्स - रेल पटरियों के बीच लगाए गए 396 एलईडी - क्रासिंग पर दुर्घटना से बचने के लिए जागरुकता अभियान | ||