Indian Railways News => Topic started by Mafia on Feb 01, 2013 - 21:00:26 PM


Title - सलाहुद्दीन के ग्रामीणों को आजादी नहीं रेलवे स्टेशन चाहिए
Posted by : Mafia on Feb 01, 2013 - 21:00:26 PM

श्रीनगर : हिजबुल मुजाहिदीन के सुप्रीमो सैयद सलाहुद्दीन के गांव सोईबुग के पास मंगलवार को उस समय पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जब उत्तेजित ग्रामीणों ने रेलगाड़ी को रोकते हुए उस पर पथराव किया। इस दौरान हुई हिंसा में सात लोग जख्मी हो गए। घायलों में थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।जानकारी के अनुसार, दोपहर बाद जिला बडगाम में सोईबुग-नाइदगाम गांव के लोग काजीगुंड-बारामुला रेलवे ट्रैक पर जमा हो गए। इन लोगों ने बारामुला से काजीगुंड जा रही रेलगाड़ी को रोकते हुए पटरी पर धरना दिया। ये मांग कर रहे थे कि उनके गांव में भी रेलगाड़ी का हाल्टिंग स्टेशन बने ताकि स्थानीय लोग उसका अपने गांव से ही लाभ ले सकें।ग्रामीणों द्वारा रेलगाड़ी रोके जाने की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को वहां से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट का प्रयास करते हुए रेलगाड़ी पर भी पथराव शुरू कर दिया।ग्रामीणों को हिंसक होते देख पुलिस ने भी बल प्रयोग किया। पुलिसकर्मियों ने बलप्रयोग कर, ग्रामीणों को वहां से खदेड़ते हुए रेल यातायात बहाल कराया। देर शाम गए तक स्थिति पूरी तरह शांत हो गई थी, लेकिन ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में सात लोग घायल हुए।विदित हो कि गत माह दक्षिण कश्मीर में काजीगुंड के पास हिल्लड गांव के लोगों ने अपने गांव में रेलगाड़ी का हाल्टिंग स्टेशन बनाने की मांग करते हुए रेलगाड़ी को रोका था।