Indian Railways News => Topic started by railenquiry on Aug 05, 2012 - 12:01:25 PM


Title - Reality is not saying, it looks Itwari railway sta - कहावत नहीं हकीकत, इतवारी रेलवे स्टेशन पर सरेआम
Posted by : railenquiry on Aug 05, 2012 - 12:01:25 PM

पूरा काम, अधूरा दाम। कहावत नहीं एक हकीकत है, जिसे इतवारी रेलवे स्टेशन पर सरेआम देखा जा सकता है।

मालक व अधिकारियों की सांठगांठ से मथाड़ी मजदूरों के हजारों का हक रोज हजम हो रहा है। पर मजबूरी है, इन्हें काम करने के बाद भी अधूरी रोजी लेकर चुप बैठना पड़ रहा है।

अगर मान लें कि एक माथाड़ी मजदूर 50 बोरियां ढो रहा है, तो उसे वास्तव में 25 बोरियों को ढोने का ही दाम मिलता है। ऊपर से परिसर में बुनियादी सुविधा तक नसीब नहीं