Indian Railways News => Topic started by Mafia on May 10, 2013 - 09:01:08 AM


Title - ऊधमपुर रेलवे स्टेशन पर आरक्षण की मारामारी
Posted by : Mafia on May 10, 2013 - 09:01:08 AM

जागरण संवाद केंद्र, ऊधमपुर : ऊधमपुर रेलवे स्टेशन पर आरक्षण कराने को लेकर जबर्दस्त मारामारी है। रिजर्वेशन काउंटर तो है, लेकिन ज्यादातर बंद ही रहता है। कभी टी-ब्रेक के नाम पर तो कभी गाड़ियों का चार्ट बनाने के लिए। लिहाजा अपनी बारी के इंतजार में खड़े यात्री रोज बेहाल होते हैं।
ऊधमपुर रेलवे स्टेशन पर एक मात्र रेल आरक्षण काउंटर है। कागज पर तो यह काउंटर सुबह आठ से रात आठ बजे तक यानी बारह घंटे खुला रहता है, लेकिन हकीकत कुछ और है। दिन में अधिकांश समय काउंटर बंद रहता है। काउंटर के आगे यात्री लाइन में खड़े होकर इसके खुलने का इंतजार करते रहते हैं। मशक्कत के बाद कुछ लोगों को आरक्षण मिल जाता है तो कई निराश होकर लौट जाते हैं।
आरक्षण लेने के लिए सुबह से ही मशक्कत शुरू हो जाती है। सुबह आठ बजे के पहले ही यहां लोग कतार में लग जाते हैं। साढ़े नौ बजे तक जिनका आरक्षण हो जाता है वे खुशनसीब होते हैं। साढ़े नौ से दस बजे तक टी-ब्रेक के नाम पर काउंटर पर टिकट मिलना बंद हो जाता है। उसके बाद सुबह दस से बारह बजे तक तत्काल आरक्षण शुरू हो जाता है। जिस वजह से नियमित आरक्षण लेने वाले लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहते हैं। वहीं बारह बजते ही फिर से जम्मू मेल का चार्ट निकालने के नाम पर काउंटर बंद कर दिया जाता है, दोपहर बाद डेढ़ बेज फिर खुलता है। एक घंटे तक काउंटर पर आरक्षित टिकट मिलता है और ढाई बजे से साढ़े चार बजे तक शाम 5.50 बजे चलने वाली एसी स्पेशल तथा शाम 7.05 बजे चलने वाली संपर्क क्रांति का चार्ट निकालने के लिए फिर से काउंटर बंद कर दिया जाता है। उसके बाद रात में चलने वाली स्पेशल व नियमित गाड़ियों का चार्ट निकालने के लिए भी सप्ताह के अधिकांश दिन शाम साढ़े पांच से साढ़े छह बजे तक काउंटर बंद रहता है। इस तरह से सब कुछ ठीक रहा तो रोजाना बारह के बजाए करीब सात से साढ़े सात घंटे तक नियमित आरक्षण की सुविधा यात्रियों को नहीं मिलती है।
यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन शहर से काफी दूर है। वहां तक जाने के लिए मेटाडोर भी नहीं मिलती है। लोग ऑटो से या निजी वाहन से किसी तरह से रेलवे स्टेशन पर पहुंचते हैं। स्टेशन पर पहुंचकर भी उन्हें निराशा हाथ लगती है। गर्मी के मौसम में यात्री भटकते रहते हैं। कई यात्री जिला के दूरदराज के स्थानों के साथ ही डोडा व रामबन जिला से भी आरक्षण कराने के लिए पहुंचते हैं। वहीं घाटी आने वाले यात्री भी कई बार आरक्षण कराने के लिए यहां घंटों लाइन में खड़े रहते हैं।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि आरक्षण काउंटर में दो स्टाफ की तैनाती की गई है। जिसमें से एक के छुट्टी पर रहने की स्थिति में एक ही स्टाफ के जिम्मे काम होता है। जिस वजह से चार्ट निकालते समय काउंटर बंद करना पड़ता है। बताते हैं कि दो अन्य स्टाफ तैनात करने को मंजूरी दी गई है, लेकिन अभी तक तैनाती नहीं हुई है।
इस संबंध में चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव अशोक सहगल का कहना है कि रेलवे के कई अधिकारियों से इस बारे में शिकायत की गई है, लेकिन समस्या हल नहीं हुआ।