Indian Railways News => Topic started by RailXpert on Aug 05, 2012 - 21:19:43 PM


Title - खपरामोहाल क्रासिंग पर फ्लाईओवर का काम शुरू
Posted by : RailXpert on Aug 05, 2012 - 21:19:43 PM

कानपुर। आखिरकार खपरामोहाल क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण का काम मंगलवार को शुरू हो गया। इसे सवा साल में बनाने का लक्ष्य भी तय हो गया है। इस ओवरब्रिज निर्माण के बाद ट्रैफिक समस्या का किसी हद तक समाधान हो जाएगा। अब लोग जीटी रोड से बिना रुके स्टेशन और मालरोड पहुंचेंगे।सेंट्रल स्टेशन और मरे कंपनी पुल के बीच स्थिति खपरा मोहाल क्रासिंग पर इस फ्लाईओवर को 2 साल पहले मंजूरी मिली थी। रविवार को पिलर संख्या 7 की नींव ढाल करके ट्रेनों की जर्किंग (झटके) का आकलन होगा। एक महीने बाद रेलवे की इंजीनियरिंग इकाई पूरी क्षमता से काम शुरू कर देगी। इस पर लगभग 19 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गौर रहे कि जीटी रोड से मालरोड और वहां से स्टेशन जाने-आने वाले लोगों को क्रासिंग गेट अक्सर बंद रहने के कारण काफी दिक्कत होती है। इस कारण लोग घंटाघर होकर स्टेशन जाते हैं पर वहां भी उन्हें जाम से जूझना पड़ता है। इस कारण साल 2009 में इस फ्लाईओवर का खाका तैयार हुआ था। वर्ष 2011-2012 के रेलबजट में इस काम को मंजूरी मिली।
ये रहा फ्लाईओवर का खाका - काम शुरू हुआ ----- 24 जुलाई-2012 - पूरा होने का लक्ष्य---- अक्तूबर-2013 (पर रेलवे अपने हिस्से का काम पूरा करेगा 6 महीने में) - लंबाई------------- 680 मीटर - चौड़ाई------------ 7.5 मीटर - पिलर होंगे ---------- 14

फायदे अब जीटी रोड से बिना रुके पहुंचेंगे मालरोड स्टेशन रोड के सामने से किदवईनगर से बड़े चौराहे या फिर कैंट आने का एक और रास्ता मिलेग टेंपो और बसों के लिए भी एक और रास्ता खुलेगा

‘डिजाइन में संशोधन हो तो बने बात’ खपरामोहाल क्रासिंग पर फ्लाईओवर का काम शुरू होने पर आसपास के लोगाें ने जहां खुशी जताई, वहीं इसके डिजाइन में कुछ संशोधन करने की भी मांग की। लोगाें ने कहा कि जिस प्वाइंट पर फ्लाईओवर खत्म होगा, उसके ठीक सामने लखनऊ फाटक की क्रासिंग हैं। अगर फ्लाईओवर लखनऊ क्रासिंग के ऊपर से हरबंशमोहाल की सड़क तक बढ़ जाए तो दोनों क्रासिंग की समस्या से निजात मिलेगी।

कोट्स::::::: रेलवे के हिस्से में 32 मीटर ट्रैक के ऊपर का काम है। जनवरी-2013 तक रेलवे अपना काम पूरा कर देगा क्योंकि धन आवंटित होने के बाद ही काम शुरू कराया गया है। अशोक श्रीवास्तव, रेलवे इंजीनियर