Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Aug 22, 2013 - 03:00:25 AM


Title - धमहरा हादसे के लिए रेलवे व राज्य सरकार दोषी : मोदी
Posted by : nikhilndls on Aug 22, 2013 - 03:00:25 AM

धमहरा स्टेशन पर घटी दर्दनाक घटना के लिए रेलवे व राज्य सरकार दोनों ही दोषी हैं। लेकिन दोनों एक-दूसरे पर दोष मढ़ कर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहते हैं। ये बातें पूर्व उप मुख्यमंत्री सह भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को स्थानीय परिसदन में कही। उन्होंने कहा कि राज्य में जदयू की सरकार कांग्रेस के बूते टिकी है और जदयू भी कांग्रेस को कहीं न कहीं सहयोग कर रही है। लेकिन घटना की जिम्मेदारी लेने से दोनों ही भाग रहे हैं। श्री मोदी ने रेल राज्य मंत्री द्वारा लोकसभा में दिए गए बयान को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि बयान का भाजपा के सांसदों ने सदन में विरोध किया। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री इसे दुर्घटना तक मानने को तैयार नहीं हैं। कहा कि स्टेशन पर जब फुटओवर ब्रिज नहीं है तो रेल मंत्री को बताना चाहिए कि कोई यात्री दूसरे नंबर प्लेटफार्म पर कैसे जाएगा। रेल मंत्री तो ऐसे बात कर रहे हैं, मानो यह स्टेशन के प्लेटफॉर्म से बाहर की घटना है। उन्होंने कहा कि जब दोनों प्लेटफॉर्मो पर ट्रेनें लगी थीं तो तीसरी ट्रेन को वहां से निकालने का कोई औचित्य नहीं था। भीड़ के बावजूद 80 किमी प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेन गुजरना भी दुर्घटना का कारण बना है। उन्होंने रेल मंत्री पर रात के अंधेरे में आने को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद वे जनता का सामना करने की स्थिति में नहीं थे। श्री मोदी ने रेल मंत्री से आश्रितों के परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी देने की मांग किया। वहीं राज्य सरकार पर आक्षेप करते हुए कहा पटना में छठ के दौरान घटना घटने पर भीड़ को नियंत्रित करने को लेकर विशेष व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया था। इसका पालन किया गया होता तो ऐसी नौबत नहीं आती। घटना के पांच घंटे बाद जिला प्रशासन व सात घंटे बाद रेल अधिकारी के पहुंचने की बात कहते हुए उन्होंने इसे संवेदनहीनता करार दिया। रेल दुर्घटना के मृतकों के सामूहिक दाह संस्कार में रेल व प्रशासन के अधिकारी तो दूर, राज्य सरकार के मंत्री तक शामिल नहीं हुए। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन मंत्री के रात के एक बजे व रेल मंत्री के 4.30 बजे अस्पताल में घायलों से मिलने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि धमहरा जाने तक सड़क नहीं थी। यदि हेलीकॉप्टर से डॉक्टरों की टीम वहां भेजी गई होती तो कम से कम छह लोगों की जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि हम तोड़-फोड़ की घटना में विश्वास नहीं रखते लेकिन जिस तरह की घटना घटी, उसमें आक्रोश स्वभाविक था। उन्होंने रेलवे द्वारा एक हजार लोगों पर दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं करने की मांग की। उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री रेणु कुशवाहा, विधायक सुरेन्द्र मेहता, बेगूसराय भाजपा जिला अध्यक्ष संजय सिंह व खगड़िया भाजपा जिला अध्यक्ष रामानुज चौधरी ने पूरे घटनाक्रम की जांच की। इसके बाद वे सदर अस्पताल में घायलों से मुलाकात करने गए और इलाज को लेकर परिजनों से पूछताछ की।