Indian Railways News => Topic started by railgenie on Sep 11, 2012 - 21:01:11 PM


Title - पीएनएम बैठक के एजेंडे में रेलवे की जमीन का मुद्दा शामिल खाली भूमि पर खेती की आस
Posted by : railgenie on Sep 11, 2012 - 21:01:11 PM

पीएनएम बैठक के एजेंडे में रेलवे की जमीन का मुद्दा शामिल
खाली भूमि पर खेती की आस
•राजन राय
गोरखपुर। रेलवे की खाली पड़ी जमीनों पर खेती की आस फिर से जगी है। पूर्वोत्तर रेलवे की होने वाली पीएनएम (स्थाई वार्ता तंत्र) बैठक के एजेंडे में इस मुद्दे को शामिल किया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। रेल संपत्ति संरक्षण और गरीब कर्मचारियों की आमदनी बढ़ाने के लिए इसे जरूरी बताते हुए तत्काल इस अमल करने का आग्रह किया है।
रेलवे बोर्ड ने 16 जुलाई 2010 को रेलवे की खाली जमीनों पर खेती कराने के लिए एक आदेश जारी किया था। जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि खाद्यान्न उत्पादन की दृष्टि से रेल भूमि को चिह्नित किया जाय। इन जमीनों को अनुसूचित जाति/ जन जाति, पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कर्मचारियों को उचित लाइसेंस फीस निर्धारित कर आवंटित किया जाय। इससे कई फायदे होंगे।
रेल भूमि के संरक्षण के साथ कर्मचारी की आमदनी बढ़ेगी और रेल राजस्व में भी वृद्धि होगी। उधर, इस संबंध में एनईआर के तीनों मंडल के विभागाध्यक्षों को इस संबंध में पत्र लिखकर आख्या मांगी गई है।
रेल सूत्रों की माने तो पूर्वोत्तर रेलवे में करीब 50 हजार हेक्टेयर खाली जमीन है। इसमें अब तय करना होगा कि कितनी जमीन खेती योग्य है। इस एजेंडे पर मुहर लग जाती है तो खाली पड़ी रेलवे की जमीनों पर फसल लहलहाती नजर आएगी।
पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के जनरल सेक्रेट्री अशोक शुक्ला ने बताया कि पीएनएम की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी और जीएम से इसे लागू करने को कहा जाएगा। रेलवे बोर्ड ने इस पर आदेश पहले ही जारी किया है। यह रेलवे और कर्मचारी दोनों के हित में है।
•2010 में रेलवे बोर्ड ने दिया था आदेश
•रेलवे श्रमिक संघ ने इसे जरूरी बताया