Indian Railways News => Topic started by riteshexpert on Apr 30, 2013 - 15:00:40 PM


Title - मार्च 2014 तक ललित ग्राम तक दौड़ेगी ट्रेन
Posted by : riteshexpert on Apr 30, 2013 - 15:00:40 PM

फारबिसगंज(अररिया), जासं: फारबिसगंज-सहरसा रेलखंड पर लेट लतीफी से चल रहे आमान परिवर्तन कार्य ने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को परेशानी में डाल दिया है। रेल मंत्रालय के सहयोग से चल रहे सीमावर्ती क्षेत्र के इस रेलखंड पर फारबिसगंज से राघोपुर रेलवे स्टेशन के बीच 20 जनवरी को ही मेगा ब्लाक लिया गया था। जिसके बाद लोगों में कम समय में अधिक दूरी का सफर जल्द करने की उम्मीद जगी थी, लेकिन उल्टे अमान परिवर्तन कार्य में विलंब से लोगों का सफर कष्टमय हो गया है।
फारबिसगंज-ललितग्राम तक का काम पहले
प्रथम चरण के तहत मेगा ब्लाक तो फारबिसगंज से राघोपुर रेलवे स्टेशन करीब 48 किमी तक लिया गया था। लेकिन पहले फारबिसगंज से ललित ग्राम स्टेशन तक प्राथमिकता के तहत काम पूरा किया गया जाएगा। करीब 28 किमी के इस प्राथमिकता वाले रेल खंड पर 12 बड़े-बड़े पुल हैं जिसका काम चल रहा है। पूर्व मध्य रेलवे समस्तीपुर के डीआरएम अरूण मलिक ने बताया कि प्रथम चरण के तहत फारबिसगंज-ललितग्राम तक आमान परिवर्तन का काम पूरा किया जाएगा। मार्च 2014 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि ललितग्राम तक काम पूरा कर लेने के बाद इसके आगे राघोपुर तक के आमान परिवर्तन का काम किया जाएगा। वर्ष 2014 में ही सरायगढ़ में कोसी पर बन रहे पुल से भी इस रेलखंड को जोड़ने का लक्ष्य है।
परियोजना में रक्षा मंत्रालय भी सहयोगी
भारत नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे फारबिसगंज-सहरसा के बीच करीब 110 किमी रेलखंड के आमान परिवर्तन परियोजना में रक्षा मंत्रालय भी सहयोगी है। राघोपुर स्टेशन तक पिछले वर्ष ही मेगा ब्लाक लिए जाने के बाद ही मेगा ब्लाक परियोजना का काम लगभग बंद हो गया था। बताया गया था कि रेलवे द्वारा फंड की उपलब्धता में समस्या आ जाने के कारण ही परियोजना पर ग्रहण छा गया था। जिसके बाद रक्षा मंत्रालय के कड़े रूख के बाद ग्रहण के बादल छंटे। फिलहाल फंड की समस्या नहीं हैं। डीआरएम समस्तीपुर श्री मलिक ने कहा कि फंड की कोई समस्या नहीं है। काम चल रहा है।
यात्रियों के लिए परेशानी का समय
जब तक फारबिसगंज सहरसा के बीच पूरी तरह आमान परिवर्तन का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक क्षेत्र के लोगों के लिए सुपौल, सहरसा तक सफर करना टेढ़ी खीर है।