Indian Railways News => Topic started by chotelal on Feb 23, 2013 - 12:00:22 PM


Title - रेल परियोजनाओं पर ग्रहण=बेला (छपरा) रेल पहिया कारखाना=मढ़ौरा (छपरा) रेल डीजल इंजन कारखाना= मधेपुरा इ
Posted by : chotelal on Feb 23, 2013 - 12:00:22 PM

एक समय था जब लंबे समय तक रेल मंत्रलय पर बिहारी मंत्री काबिज थे। इस दौरान सूबे को कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का सौगात मिला। एक-दो को छोड़कर कोई भी परियोजना शिलान्यास से बढ़कर उद्घाटन तक का सफर तय नहीं कर सका। चाहे हरनौत रेल कारखाने के निर्माण की बात हो या फिर छपरा रेल डीजल इंजन रेल कारखाना निर्माण की परियोजना का मामला हो निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। सूबे में 9000 करोड़ रुपये की दर्जन भर से अधिक रेल परियोजनाएं लंबित है।बेला (छपरा) रेल पहिया कारखाना रेलमंत्री लालू प्रसाद ने वर्ष 2006 में इसकी मंजूरी दी थी। 31 जुलाई 2010 में ही इसका निर्माण कार्य पूरा होना था। उस समय लागत मूल्य 1417 करोड़ थी जो समय पर पूरा न होने के कारण बढ़कर 1600 करोड़ से अधिक की हो गई है। पिछले साल उत्पादन का ट्रायल भी लिया गय था परंतु काफी त्रुटियां रहने के कारण आज तक यहां से पूरी तरह उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। एक साल में एक लाख से अधिक पहिया निर्माण की योजना है। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।मढ़ौरा (छपरा) रेल डीजल इंजन कारखानापीपीपी मोड पर बनने वाले इस डीजल इंजन कारखाना के निर्माण की मंजूरी 2006 में ही दी गई थी। 1100 एकड़ में बनने वाले इस कारखाना की लागत उस वक्त 1400 करोड़ थी जो अब बढ़कर 1700 करोड़ तक पहुंच गई है। अभी तक मात्र 250 एकड़ जमीन का ही अधिग्रहण हो सका है। काफी धीमी रफ्तार से जमीन का अधिग्रहण हो रहा है। निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

मधेपुरा इलेक्टिक इंजन कारखाना

मधेपुरा में बनने वाले रेल इंजन कारखाना के निर्माण कार्य पर राजनीतिक ग्रहण लग चुका है। अभी तक इस दिशा में कोई भी कारगर कदम नहीं उठाया गया है।

सोनपुर में डेमू शेड का निर्माण

वर्ष 2006 से सोनपुर में डीजल इंजन के रखरखाव के लिए मेमू शेड का शिलान्यास किया गया था। उस वक्त 13.24 करोड़ की लागत आनी थी। अब यह बढ़कर 22 करोड़ तक पहुंच गया है। अभी चहारदीवारी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

मुजफ्फरपुर-सुगौली रेलखंड

104 किमी लंबी मुजफ्फरपुर-सुगौली रेलखंड का शिलान्यास एनडीए की सरकार में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2002 किया था। 2014 में ही पूरा होना था परंतु आज तक मात्र 14 किमी रेल लाइन का ही निर्माण कार्य पूरा हो सका है। उस समय 395 करोड़ की लागत आनी थी जो अब बढ़कर 2200 किमी हो गया है। धन के अभाव में निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।

सोनपुर-दीघा रेल सह सड़क पुल

पटना में बनने वाले गंगा नदी पुल का शिलान्यास 2006 में ही किया गया था। पहले इसका निर्माण कार्य 2012 मार्च तक पूरा कर लेना था। 4.55 किमी लंबे इस पुल के निर्माण में 2921 करोड़ की लागत आएगी। पहले केवल रेल पुल बनना था। अब रेल सह सड़क पुल का निर्माण होना है। 31 मार्च 2017 तक इसे पूरा कर लेना है। परंतु धीमी गति से निर्माण कार्य होने के कारण शायद ही यह समय से पूरा हो सके।

पटना व दानापुर को वल्र्ड क्लास स्टेशन बनाने की घोषणा

नई दिल्ली व हावड़ा के साथ-साथ पटना व दानापुर स्टेशनों को विश्व स्तरीय बनाने की घोषणा की गई थी। नई दिल्ली जंक्शन को वल्र्ड क्लास बनाने का काम शुरू हो गया है परंतु पटना व दानापुर स्टेशन पर निर्माण से संबंधित नींव भी नहीं डाली गई है।

पाटलिपुत्र स्टेशन निर्माण की योजना

वर्ष 2006 में ही पटना जंक्शन व दानापुर की भीड़ को कम करने के लिए पाटलिपुत्र स्टेशन का निर्माण करने का निर्णय लिया था। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो सका है। पहले प्लेटफार्म को अधिक उंचा कर दिया गया था जिसे अब नीचा किया गया है। अभी तक इसका उद्घाटन नहीं हो सका है।