Indian Railways News => Topic started by AllIsWell on Aug 29, 2013 - 07:56:45 AM


Title - रेलवे बोर्ड की अनदेखी: बिना बोगियों के पटरियों पर कैसे आए ट्रेन
Posted by : AllIsWell on Aug 29, 2013 - 07:56:45 AM

बिलासपुर। रेलवे बोर्ड की अनदेखी के चलते जोन की वे ट्रेनें शुरू नहीं हो पा रही हैं, जिनकी घोषणा रेल बजट में की गई थी। जनशताब्दी एक्सप्रेस को दो साल बाद भी गोंदिया तक शुरू नहीं किया जा सका, जबकि वर्ष 2013-14 के रेल बजट में घोषित 5 में से एक भी ट्रेन को शुरू नहीं किया जा सका है। रेलवे बोर्ड ने जोन को बोगियां तो दी, लेकिन आधी अधूरी। नतीजा यह कि नई बोगियां पटरियों पर आने के बजाय यार्ड में डंप कर दी गईं हैं।

रेल बजट 2012-13 में जनशताब्दी एक्सप्रेस को पूरे दिन गोंदिया तक चलाने की घोषणा हुई। वर्ष 2012-13 खत्म हो गया और नए साल का रेल बजट भी आ गया, लेकिन जनशताब्दी को अब हफ्ते में चार दिन ही गोंदिया तक भेजा जा रहा है। जनशताब्दी को गोंदिया तक ले जाने के लिए एक और रैक की जरूरत होगी।

वर्तमान में ट्रेन दो रैक के साथ चल रही है, जिसके चलते दोनों रैक को मेंटेनेंस के लिए एक-एक दिन दुर्ग में टर्मिनेट किया जाता है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने नई रैक के लिए रेलवे बोर्ड को दर्जनों बार पत्र लिखा। इसका नतीजा यह हुआ कि डेढ़ महीने पहले जोन को 4 एसी कोच दे दिए गए।

अब ये बोगियां दुर्ग स्टेशन के यार्ड में खड़ी हैं। जनशताब्दी एक्सप्रेस 17 कोच के साथ दौड़ रही है, यानी ट्रेन शुरू करने के लिए न्यूनतम इतने कोच की जरूरत है। इधर वर्ष 2013-14 के रेल बजट में जोन को 5 नई ट्रेनों की सौगात मिली। घोषणा 6 महीने पुरानी है, लेकिन इसमें से किसी एक ट्रेन को भी शुरू नहीं किया जा सका।

इसके पीछे भी कारण यही है कि जोन को नई ट्रेनों के लिए बोगियां नहीं दी गईं हैं। रेलवे बोर्ड ने जुलाई में जोन को 12 अत्याधुनिक (एलएचबी) स्लीपर कोच भेजे हैं, लेकिन ये भी यार्ड में बेकार पड़े हैं। अत्याधुनिक कोच के साथ पहले से चल रहे कोच को जोड़ा नहीं जा सकता और किसी भी नई ट्रेन को बिना एसी कोच के साथ चलाया नहीं जा सकता। बोर्ड की लापरवाही के चलते जोन को मिली बोगियां यार्ड में बेकार खड़ी हैं।

15 तक मिलेगी जनशताब्दी की रैक


दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने जनशताब्दी एक्सप्रेस के लिए जरूरत की दूसरी बोगियां उपलब्ध कराने के लिए फिर से पत्र भेजा है। इधर, दैनिक भास्कर ने भी समस्या को लेकर प्रभारी चेयरमैन अरुनेंद्र कुमार से बात की। उन्होने माना कि जनशताब्दी को शुरू करने में देर हो गई है, अब और देर नहीं की जाएगी। वे ही मेंबर मैकेनिकल भी हैं, लिहाजा उन्होंने अगले 15 दिनों में जोन को जरूरत की बोगियां उपलब्ध कराने की बात कही। ऐसे में जनशताब्दी के सितंबर में विस्तार की उम्मीद है।

..तो शुरू हो जाती बिलासपुर-बीकानेर

इस रेल बजट में जोन को दुर्ग-जयपुर, बिलासपुर-जोधपुर, दुर्ग-जम्मू, दुर्ग-छपरा और बिलासपुर-बीकानेर एक्सप्रेस की सुविधा मिली है। इन ट्रेनों को मार्च 2014 तक शुरू करना है, जिसके लिए तकरीबन 100 बोगियों की दरकार है। जोन को अब तक 12 स्लीपर कोच ही मिले हैं। 4 एसी कोच और भेज दिए गए होते तो बिलासपुर-बीकानेर एक्सप्रेस को शुरू किया जा सकता था।