Indian Railways News => Topic started by railgenie on Aug 05, 2012 - 21:00:47 PM


Title - स्कूल बस ट्रेन से टकराई, चार छात्राओं की मौत
Posted by : railgenie on Aug 05, 2012 - 21:00:47 PM

अमृतसर। बाबा बकाला स्थित संत माझा सिंह करमजोत माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बस गांव कोट मेहताब के पास सोमवार सुबह ब्यास से गोइंदवाल साहिब जाने वाली ट्रेन से टकरा गई। हादसे में चार छात्राओं की मौत हो गई, जबकि 20 बच्चे घायल हो गए। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने ट्रेन चालक सुरिंदर कुमार की जमकर पिटाई की। बाद में पुलिस ने उसे अपने संरक्षण में ले लिया। बताया जा रहा है कि बस चालक को कम सुनाई देता है, जिसकी वजह से वह रेलगाड़ी की आवाज नहीं सुन पाया। स्कूल बस गांव बूल्लेनंगल से बच्चों को लेकर गांव कोट मेहताब की ओर जा रही थी। इसमें करीब 25 बच्चे सवार थे। रास्ते में गांव कोट मेहताब के पास मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग को पार करते समय बस ट्रेन से टकरा गई। हादसे में तीन छात्राओं की मौके पर ही मौत हो गई। एक छात्रा ने अस्पताल के रास्ते में दम तोड़ दिया। मरने वाली छात्राओं में सहजप्रीत कौर व मनप्रीत कौर दो सगी बहनें हैं। बाकी दो की पहचान पलकप्रीत और कोमलप्रीत के रूप में हुई है। ये सभी गांव बूल्लेनंगल की रहने वाली थीं। घायलों को बाबा बकाला सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जिनमें पांच को गंभीर हालत के चलते अमृतसर रेफर किया गया।घटना के तुरंत बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच गए और ट्रेन में फंसी बस को जेसीबी की मदद से बाहर निकाला। घटनास्थल पर बच्चों के बूट, स्कूल बैग, दस्तारें और खून बिखरा पड़ा था। एंबुलेंस हादसे के करीब 45 मिनट बाद पहुंची। इससे पहले लोग अपने वाहनों से बच्चों को अस्पताल पहुंचा चुके थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करीब सभी बच्चे बेहोश हो गए थे। घटना के करीब एक घंटे बाद पुलिस के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।

----------------- ट्रेन देख बच्चों ने मचाया था शोर, ड्राइवर ने और भगा ली बस घायल बच्चों ने बताया कि रेलगाड़ी आते देख उन्होंने शोर मचाया था, लेकिन बस चालक ने बस रोकने की बजाय रफ्तार और बढ़ा दी और हादसा हो गया। गांव के लोगों ने मीडिया को बताया कि स्कूल बस के ड्राइवर मिलखा सिंह को कम सुनाई देता है और इसकी जानकारी स्कूल प्रिंसिपल को भी है। हादसे को लेकर स्कूल की प्रिंसिपल नरिंदर कौर से कई बार फोन पर संपर्क करना चाहा लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

आमदनी कम इसलिए कर्मचारी भी कम रेलवे के सीनियर डिवीजन मैनेजर करन सिंह और सवर्ण सिंह डिवीजन मैनेजर ने बताया कि जांच टीम हादसे की जांच करेगी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यहां मानव रहित फाटकों की संख्या बहुत ज्यादा है जिसे रेलवे गंभीरता से ले रहा हैं। उन्होंने कहा कि इस ट्रैक पर रेलवे को आमदनी कम है, इसके चलते यहां कम ही मुलाजिम तैनात किए गए हैं।

मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये देने का ऐलान बाबा सावन सिंह चैरिटेबल अस्पताल ब्यास में घायलों का हाल पूछने पहुंचे डीसी प्रियंक भारती ने कहा कि यदि स्कूल प्रबंधन की गलती पाई गई तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीएम प्रकाश सिंह बादल ने हादसे पर दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे। घायलों का पूरा खर्च भी प्रदेश सरकार उठाएगी।