| - राजधानी में बर्थ के लिए नहीं तरसेंगे यात्री by eabhi200k on 23 August, 2013 - 05:58 PM | ||
|---|---|---|
eabhi200k | - राजधानी में बर्थ के लिए नहीं तरसेंगे यात्री on 23 August, 2013 - 05:58 PM | |
इलाहाबाद (ब्यूरो)। वीआईपी ट्रेनों में शुमार राजधानी एक्सप्रेस अगले दो साल में 21 कोचों के साथ फर्राटे लगा सकती है। इससे यात्रियों को राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में बर्थ के लिए तरसना नहीं पड़ेगा। रेलवे बोर्ड राजधानी एक्सप्रेस में कोचों को बढ़ाने की योजना पर अमल शुरू कर चुका है। पटना राजधानी एक्सप्रेस को 21 कोचों के साथ चलाना शुरू किया जा चुका है। सियालदह राजधानी भी जल्द ही 20 कोचों के साथ दौड़ने लगेगी। यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि राजधानी में नए जोड़े जा रहे कोचों में ज्यादातर एसी-3 श्रेणी के हैं। प्रतीक्षा सूची से दिखने वाली मांग और कोचों की उपलब्धता के आधार पर दूसरे राज्यों के लिए चलने वाली राजधानी में भी कोचों की संख्या बढ़ाई जाएगी। दो साल पहले तक राजधानी एक्सप्रेस में कोचों की संख्या बढ़ाना नामुमकिन था। तब, राजधानी में 14 से 16 कोच ही जुड़ते रहे हैं। बताते हैं कि आरडीएसओ ने राजधानी एक्सप्रेस में कोचों की संख्या बढ़ाने पर शोध किया। इलेक्ट्रिकल सुधार करने को कहा था। शोध संगठन की गाइड लाइन के आधार पर आगे बढ़ा रेलवे बोर्ड सालभर में अधिकतर राजधानी एक्सप्रेस में कोचों की संख्या बढ़ाकर 18 कर चुका है। अब इसे 21 कोचों तक पहुंचाने की योजना पर काम चल रहा है। रेलवे अफसर बताते हैं कि राजधानी एक्सप्रेस के लिए नए एलएचबी कोचों की उपलब्धता ने इस कार्य को आसान बना दिया है। सूत्र बताते हैं कि निकट भविष्य में राजधानी एक्सप्रेस से जेनरेटर कोच हट सकते हैं। आरडीएसओ ने इसके भी तरीके बताए हैं। इनकी जगह यात्री कोच ले लेंगे। इससे सभी राजधानी में दो-दो अतिरिक्त कोच जोड़ने में मदद मिलेगी। रेलवे बोर्ड के एडीजी जनसंपर्क अनिल सक्सेना बताते हैं कि पटना राजधानी में 21 कोच और दिल्ली-मुंबई राजधानी 20 कोचों के साथ चलाई जा रही है। दिल्ली-सियालदह राजधानी भी जल्द ही 20 कोचों के साथ चलने लगेगी। कोचों की उपलब्धता होने पर दूसरी राजधानी एक्सप्रेस की भी लंबाई बढ़ाई जाएगी। अतिरिक्त कोच स्थाई तौर पर जोड़े जा रहे हैं। फिलहाल, राजधानी में कोचों की संख्या बढ़ाने का फायदा यात्रियों के साथ-साथ रेलवे को भी मिलने लगा है। बिना नई ट्रेन दौड़ाए अतिरिक्त कोचों से रेलवे को प्रति ट्रिप एक से तीन लाख रुपये की ज्यादा कमाई हो रही है। | ||