| परिचालन के साथ ही रच गया इतिहास by Mafia on 27 March, 2013 - 12:00 PM | ||
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Mafia | परिचालन के साथ ही रच गया इतिहास on 27 March, 2013 - 12:00 PM | |
लंबे इंतजार के बाद सीतामढ़ी - मुजफ्फरपुर के बीच मंगलवार को पटरी पर जैसे ही ट्रेन दौड़ी न केवल लोगों की चिर परिचित मांग पूरी हो गई। बल्कि इस रेलखंड पर परिचालन के साथ ही एक इतिहास बन गया। सीतामढ़ी का संपर्क रेलमार्ग के जरिए न केवल मुजफ्फरपुर बल्कि देश की राजधानी दिल्ली व अन्य महानगरों से बहाल हो गया। साथ ही सीतामढ़ी का आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक व व्यापारिक विस्तार की बुनियाद बन गई। हालांकि परिचालन शुरू होने से पहले जो कुछ हुआ वह निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण रहा। एक ऐसी परियोजना जो दशकों से धूल फांक रहीं थी। पिछले 43 सालों से महज सपना था, जिसके पूरा कराने के केवल वादे होते रहे, उस सपने के सच में साकार होने से ठीक पहले हुल्लड़बाजी, रोड़ेबाजी, नारेबाजी और आक्रोश यह साबित करता है कि भीड़ की आड़ में शामिल लोग न केवल असामाजिक तत्व थे, बल्कि विकास के विरोधी भी। लोगों की जो मांग थी वह बाद में भी पूरी की जा सकती थी या बाद में भी आंदोलन हो सकता था। लेकिन एक शुभ शुरुआत के मौके पर जो कुछ हुआ वह अशुभ संकेत है। परिचालन के मौके पर राजनीति भी जम कर हुई। न केवल विपक्षी दल बल्कि सत्ताधारी दल के नेताओं ने भी अपने समर्थकों के सहारे हंगामें को हवा दी। बहरहाल, आक्रोश की हवा के बीच ही सही, सपनों की ट्रेन चली, और लोगों की उम्मीदें नई रोशनी लेकर आई। | ||