| तुगलकी फरमान वापस लो..वापस लो.रविवार को दूसरी पाली में आरक्षण काउंटर खोलने का विरोध एक घंटे तक होते by riteshexpert on 13 August, 2012 - 06:01 PM | ||
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riteshexpert | तुगलकी फरमान वापस लो..वापस लो.रविवार को दूसरी पाली में आरक्षण काउंटर खोलने का विरोध एक घंटे तक होते on 13 August, 2012 - 06:01 PM | |
रविवार को दूसरी पाली में आरक्षण काउंटर खोलने के तुगलकी फरमान को वापस लो..वापस लो..दादागिरी नहीं चलेगी..नहीं चलेगी..रेलवे के रिक्त पदों पर नियुक्ति शीघ्र करो..ईसीआरकेयू जिंदाबाद.. रविवार को ऐसा ही कुछ नजारा पटना जंक्शन के आरक्षण काउंटर पर देखने को मिल रहा था। एक ओर कर्मचारी नारेबाजी कर रहे थे वहीं रेल अधिकारी आरपीएफ व जीआरपी जवानों के साथ जबरन काउंटर खोलवाने पर अड़े हुए थे। ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के महामंत्री एमएन वाजपेयी के नेतृत्व में एक हजार से अधिक रेलकर्मी रविवार को दूसरी पाली में आरक्षण काउंटर खोलने का विरोध कर रहे थे। एक घंटे तक कर्मचारियों व सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की होते रही। कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। कर्मचारियों के उग्र तेवर को देख अधिकारी व सुरक्षाकर्मी भी नरम पड़ गए। काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने जब काउंटर बंद करने की घोषणा की तब जाकर स्थिति पर काबू पाया गया। कर्मचारियों के तरफ से यूनियन के तमाम केन्द्रीय परिषद के नेता उपस्थित थे।इस बाबत ईसीआरकेयू के शाखा मंत्री सुनील सिंह ने बताया कि रविवार को दूसरी पाली में आरक्षण काउंटर खोलने के तुगलकी फरमान का वे लोग विरोध कर रहे हैं। पिछले दस साल से आरक्षण कर्मियों की नई बहाली नहीं हुई है जबकि दर्जनों कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वर्षो पूर्व के स्वीकृत पदों में आधे की संख्या में आरक्षण कर्मचारी बच गए हैं। जबकि पहले से काम काफी बढ़ गया है। पूरे देश में कहीं भी रविवार को दूसरी पाली में आरक्षण काउंटर नहीं खुलता।वहीं महामंत्री श्री वाजपेयी ने कहा कि रेल अधिकारी अपनी मनमर्जी कर रहे हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों की संख्या दिनोंदिन घटते जा रही है। उनके उपर काम का दबाव बढ़ते जा रहा है। कर्मचारियों के हित पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जब तक रेल प्रबंधन इस तुगलकी फरमान को वापस नहीं ले लेती विरोध जारी रहेगा। इस अवसर पर यूनियन के शशिकांत पांडेय, एसएनपी श्रीवास्तव, एसएसडी मिश्रा, ए.के.शर्मा, प्रजापति सिंह, सुनील सिंह, विजय कुमार सिंह, विजय कुमार समेत सैकड़ों नेता मौजूद थे। | ||